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Thursday, 23 July 2020

Swar in indian music

भारतीय संगीत में स्वर 
Indian musical instruments
22 श्रुतियो से मुख्य,12 श्रुतियो को स्वर कहते है । स्वर को नाम इस प्रकार है ।

    सा - षडज
     रे - ऋषभ 
    ग - गांधार 
    म - मध्यम 
    प - पंचम 
    ध - धैवत 
    नी - निषाद 



क्रमश - सा रे ग म प ध नी कहा जाता है ।

और पिछले ब्लॉग के माध्यम से हमने इन सभी स्वरों की श्रुति पर स्थापना सिखी है।
बतायी गयी वही आधुनिक श्रुति स्वर व्यवस्था शुद्ध सप्तक कहलाता है ।

स्वरों के प्रकार - चल स्वर एवं चल स्वर 

चल स्वर - सा और प (जिनका श्रुति स्थान निश्चित है ।)
चल - रे ग ध नी (जिनका श्रुति स्थान निश्चित होने कि साथ चल भी है ।)

चल स्वर कि 3 रूप है एक रूप है - शुद्ध ,कोमल और तीव्र
कोमल - ऋषभ, गांधार, धैवत, निषाद 
तीव्र - मध्यम 

कुलमिलकर हमारे पास 7 शुद्ध ,4 कोमल एवं 1 तीव्र स्वर है।
अर्थात 12 स्वर है जो क्रमश निम्नलिखित रूप में है 


               सा   रे    रे      ग   म  मे  प      ध   नी   नी 
               1   2   3   4   5   6   7   8   9   10  11  12